What is भाग्य लक्ष्मी योजना की जानकारी Bhagya Laxmi Yojana and how you can exploit it, realize what is the strategy?

यूपी सरकार भाग्य लक्ष्मी योजना: उत्तर प्रदेश की योगी विधायिका ने राज्य में कन्या भ्रूण हत्या को रोकने और लिंग अनुपात को नियंत्रित करने के लिए भाग्य लक्ष्मी योजना नाम की छोटी लड़कियों के लिए एक अनूठी योजना शुरू की है।

इस योजना के तहत बालिका के परिचय पर अभिभावकों को आर्थिक सहायता के साथ-साथ बालिका की शिक्षा के दौरान भी उसकी सहायता की जाती है। यह कार्यालय उन व्यक्तियों के लिए है जो असाधारण रूप से गरीब हैं। इसके लिए उन लोगों को भी कुछ शर्तों का पालन करना होगा, जिन्हें पूरा करने के बाद आप इस योजना का लाभ उठा सकते हैं।

यूपी सरकार ने शुरू की ये योजना

उत्तर प्रदेश सरकार ने छोटी बच्चियों के लिए ऐसी योजना शुरू की है, जो 21 साल की उम्र में गर्भ धारण और विकसित होने पर गतिशील हो जाती है। साथ ही पब्लिक अथॉरिटी बच्ची की पढ़ाई का खर्च भी देती है।

जब लड़की गर्भवती होती है, तो लड़की के लिए मां को सार्वजनिक प्राधिकरण से स्वतंत्र रूप से 5,100 रुपये दिए जाते हैं। ताकि जल्दी पालने में कोई दिक्कत न हो। कुछ ऐसा है उत्तर प्रदेश सरकार का भाग्यलक्ष्मी प्लॉट। यह योजना गरीबी रेखा के नीचे जैसे बीपीएल कार्ड धारकों को दी जाती है।

कौशल आपको नकद का लाभ मिलता है

छोटी बच्ची के परिचय पर यूपी सरकार 50 हजार रुपये की फीस देती है।

यह बंधन 21 साल बाद विकसित होता है और 2 लाख रुपये मिलते हैं, जो छोटी लड़की के लिए मूल्यवान है।

छोटी बच्ची के प्रारंभिक बचपन और चिकित्सा सेवाओं के लिए जन्म के समय मां को स्वतंत्र रूप से 5100 रुपये की पेशकश की जाती है।

जब वह कक्षा 6 में प्रवेश करती है, तो उसके रिकॉर्ड में 3,000 रुपये जुड़ जाते हैं।

कक्षा 8 में पहुंचने पर 5,000 रुपये का लाभ दिया जाता है।

10वीं के मानदंड पर पहुंचने पर सात हजार रुपये बालिका के खाते में रखे जाते हैं।

बारहवीं कक्षा में उपस्थित होने पर सार्वजनिक प्राधिकरण द्वारा 8,000 का योगदान दिया जाता है।

जांच के दौरान बच्ची के रिकॉर्ड में 23 हजार रुपये रखे गए हैं।

भाग्य लक्ष्मी योजना की जानकारी (UP Bhagya Laxmi Yojana Details )

योजना का नाम यूपी भाग्यलक्ष्मी योजना
विभाग महिला एवं बाल विकास
Launch By मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ
सहायता राशी 51,000/- Rs.
मुख्य उद्देश्य लड़कियों की संख्या में बढ़ोतरी कराना
लाभार्थी प्रदेश की लड़किया
official Site mahilakalyan.up.nic.in

इन शर्तों का पालन करना होगा

इसका फायदा उन लड़कियों को मिलेगा, जिन्हें 2006 के बाद दुनिया में लाया गया।

बालिका के परिचय के एक माह के भीतर भी आंगनबाडी केन्द्र में नामांकन कराना अनिवार्य है।

योजना का फायदा उठाने के लिए 18 साल की उम्र से पहले एक छोटी लड़की की शादी नहीं की जा सकती है।

लड़कियों की स्कूली शिक्षा सरकारी प्लॉट में होनी चाहिए न कि ट्यूशन आधारित स्कूल में।

प्राप्तकर्ता के लिए यूपी का निवासी होना आवश्यक है।

इस योजना का लाभ विशिष्ट रूप से बीपीएल परिवार की छोटी बच्चियों को दिया जाएगा।

पारिवारिक वेतन प्रति वर्ष दो लाख से अधिक नहीं होना चाहिए।

इस घटना में कि आप एक प्रशासनिक कर्मचारी हैं, आप इस योजना का लाभ नहीं उठा सकते हैं।

 

भाग्य लक्ष्मी योजना की जानकारी (UP Bhagya Laxmi Yojana) के अनिर्वाय मुख्य दस्तावेज

इस योजना में पंजीयन करने से पूर्व आपके पास निम्न दस्तावेजों का होना अनिवार्य है।

  • मोबाइल नंबर
  • आय प्रमाण पत्र
  • जाति प्रमाण पत्र
  • निवास प्रमाण पत्र
  • पासपोर्ट साइज फोटो
  • बैंक अकाउंट पासबुक
  • बालिका का जन्म प्रमाण पत्र
  • माता पिता का आधार कार्ड

यूपी भाग्यलक्ष्मी योजना में ऑनलाइन आवेदन कैसे कर सकते हैं?

इस योजना में आप पंजीयन करने के लिए आपको निम्न प्रक्रिया का पालन करना होगा। जिसके बाद आप आसानी से इस में अपना पंजीयन दर्ज करा सकते है।

महिला एवं बाल विकास विभाग
  1. इस योजना का लाभ लेने के लिए सबसे पहले आपको महिला एवं बाल विकास विभाग उप्र की आधिकारिक वेबसाइट पर जाना होगा।
  2. जब आपका होम पेज पर आने के बाद आप यूपी भाग्य लक्ष्मी योजना हेतु Application फॉर्म की पीडीएफ फाइल डाउनलोड कर सके।
  3. इस फॉर्म में पूछी गई सभी महत्वपूर्ण जानकरी को भरे।
  4. इस फॉर्म में सभी महत्वपूर्ण दस्तावेजों की सलंग्न करे।
  5. इस फॉर्म की लेकर आप आपके नजदीकी आंगनवाड़ी केंद्र या अपने नज़दीकी महिला कल्याण विभाग के कार्यालय के फॉर्म को लेकर जमा करे।
  6. इस पारकर आपकी पंजीयन प्रक्रिया पूर्ण हो जाती है।
 Application Form PDF

Helpline Number

  • महिला पॉवरलाइन: 1090
  • महिला हेल्पलाइन: 181
  • चाइल्ड हेल्पलाइन:1098

इस प्रकार, भाग्यलक्ष्मी योजना में शामिल होने के लिए, आपको निकटतम कॉमन सर्विस सेंटर पर जाना होगा, उदाहरण के लिए ई-मित्र केंद्र। जिसमें आपको कोई एनलिस्टमेंट चार्ज नहीं देना होता है।

नामांकन कुछ भी नहीं के लिए पूरा किया जाता है। अगर हम अभिलेखों की बात करें तो नामांकन के लिए आपके पास यूपी का होम ऑथेंटिकेशन, बच्ची के जन्म का डिक्लेरेशन, अभिभावकों का आधार कार्ड, पेमेंट एंडोर्समेंट, गली नंबर का वेरिफिकेशन, लेज़र डिटेल्स होना चाहिए।